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अपनी आँखों में बसा कर कोई इकरार करूँ जी में आता है के जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसा कर कोई इकरार करूँ मैंने कब तुझसे ज़माने की ख़ुशी मांगी है एक हलकी सी मेरे लब ने हंसी मांगी है सामने तुझको बिठा कर तेरा दीदार करूँ जी में आता है के जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसा कर कोई इकरार करूँ साथ छूटे न कभी तेरा यह कसम ले लूं हर ख़ुशी दे के तुझे तेरे सनम ग़म ले लूं हाय मैं किस तरह से प्यार का इज़हार करूँ जी में आता है के जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसा कर कोई इकरार करूँ
इन्तिहा आज इश्क की कर दी, आप के नाम ज़िन्दगी कर दी, था अँधेरा गरीब खाने में, आप ने आ के रोशनी कर दी, देने वाले ने उन को हुस्न दिया, और अता मुझ को आशिकी कर दी, तुम ने जुल्फों को रुख पे बिखरा कर, शाम रं गी न और भी कर दी
रिश्ता क्या है तेरा मेरा, मैं हूँ शब और तू है सवेरा, तू है चाँद सितारों जैसा, मेरी किस्मत घोर अँधेरा, फूलों जैसे राहें तेरी, काटों जैसा मेरा डेरा, आता जाता है ये जीवन, पल-दो-पल का रैन बसेरा,
"कुछ तो मजबूरियाँ रहीं होंगी यूँ कोई बेवफा नही होता जी बहुत चाहता है सच बोलें क्या करें हौसला नही होता अपना दिल भी टटोल कर देखो फासला बेवजह नही होता॥" "कोई हँसे तो तुझे ग़म लगे खुशी ना लगे तू रोज़ रोया करे उठ के चाँद रातों में खुदा करे तेरा मेरे बगैर जी न लगे तू भी लुट जाए यूँही आके किसी कि बातों में।"
जिस्म जलता है बहुत दो पल नहाने दो मुझे झील सी अपनी आँखों में डूब जाने दो मुझे. हस्ती से बेजारी न थी मौत से यारी न थी उन राहों पर चल दिए जिसकी तैयारी न थी. फासला तो है मगर अब कोई फासला नहीं है तुम मुझसे जुदा सही मगर दिल से जुदा नहीं. आओ मै और तुम मिलकर चिरागेदिल जलाये कल कैसी हवा चले यह कोई जानता ही नहीं

बहते अश्को की ज़ुबान नही होती,

बहते अश्को की ज़ुबान नही होती, लफ़्ज़ों मे मोहब्बत बयां नही होती, मिले जो प्यार तो कदर करना, किस्मत हर कीसी पर मेहरबां नही होती. अपने दिल को पत्थर का बना कर रखना , हर चोट के निशान को सजा कर रखना । उड़ना हवा में खुल कर लेकिन , अपने कदमों को ज़मी से मिला कर रखना । छाव में माना सुकून मिलता है बहुत , फिर भी धूप में खुद को जला कर रखना । उम्रभर साथ तो रिश्ते नहीं रहते हैं , यादों में हर किसी को जिन्दा रखना । वक्त के साथ चलते-चलते , खो ना जाना , खुद को दुनिया से छिपा कर रखना । रातभर जाग कर रोना चाहो जो कभी , अपने चेहरे को दोस्तों से छिपा कर रखना । तुफानो को कब तक रोक सकोगे तुम , कश्ती और मांझी का याद पता रखना । हर कहीं जिन्दगी एक सी ही होती हैं , अपने ज़ख्मों को अपनो को बता कर रखना । मन्दिरो में ही मिलते हो भगवान जरुरी नहीं , हर किसी से रिश्ता बना कर रखना ।
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ - २ जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ मैं ने कब तुझ से ज़माने की ख़ुशी माँगी है एक हलकी सी मेरे लब ने हँसी माँगी है - २ सामने तुझ को बिठाकर तेरा दीदार करूँ जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ साथ छूटे न कभी तेरा यह क़सम ले लूँ हर ख़ुशी देके तुझे तेरे सनम ग़म ले लूँ - २ हाय, मैं किस तरह से प्यार का इज़हार करूँ जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ