कुछ ख़यालात जो मेरे दिल में आते है. उन्हें में इस ब्लॉग के जरिये व्यक्त करना चाहता हु . अगर आपको कुछ गलत लगे तो मुझे माफ़ कर देना ...........
आपका भाई
-नरेन्द्र स्वामी -
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इन्तिहा आज इश्क की कर दी, आप के नाम ज़िन्दगी कर दी,
था अँधेरा गरीब खाने में, आप ने आ के रोशनी कर दी,
देने वाले ने उन को हुस्न दिया, और अता मुझ को आशिकी कर दी,
तुम ने जुल्फों को रुख पे बिखरा कर, शाम रंगीन और भी कर दी
"कुछ तो मजबूरियाँ रहीं होंगी यूँ कोई बेवफा नही होता जी बहुत चाहता है सच बोलें क्या करें हौसला नही होता अपना दिल भी टटोल कर देखो फासला बेवजह नही होता॥" "कोई हँसे तो तुझे ग़म लगे खुशी ना लगे तू रोज़ रोया करे उठ के चाँद रातों में खुदा करे तेरा मेरे बगैर जी न लगे तू भी लुट जाए यूँही आके किसी कि बातों में।"
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ - २ जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ मैं ने कब तुझ से ज़माने की ख़ुशी माँगी है एक हलकी सी मेरे लब ने हँसी माँगी है - २ सामने तुझ को बिठाकर तेरा दीदार करूँ जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ साथ छूटे न कभी तेरा यह क़सम ले लूँ हर ख़ुशी देके तुझे तेरे सनम ग़म ले लूँ - २ हाय, मैं किस तरह से प्यार का इज़हार करूँ जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ
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