"कुछ तो मजबूरियाँ रहीं होंगी
यूँ कोई बेवफा नही होता
जी बहुत चाहता है सच बोलें
क्या करें हौसला नही होता
अपना दिल भी टटोल कर देखो
फासला बेवजह नही होता॥"
"कोई हँसे तो तुझे ग़म लगे खुशी ना लगे
तू रोज़ रोया करे उठ के चाँद रातों में
खुदा करे तेरा मेरे बगैर जी न लगे
तू भी लुट जाए यूँही आके किसी कि बातों में।"
यूँ कोई बेवफा नही होता
जी बहुत चाहता है सच बोलें
क्या करें हौसला नही होता
अपना दिल भी टटोल कर देखो
फासला बेवजह नही होता॥"
"कोई हँसे तो तुझे ग़म लगे खुशी ना लगे
तू रोज़ रोया करे उठ के चाँद रातों में
खुदा करे तेरा मेरे बगैर जी न लगे
तू भी लुट जाए यूँही आके किसी कि बातों में।"
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