अपनी आँखों में बसा कर कोई इकरार करूँ
जी में आता है के जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसा कर कोई इकरार करूँ
मैंने कब तुझसे ज़माने की ख़ुशी मांगी है
एक हलकी सी मेरे लब ने हंसी मांगी है
सामने तुझको बिठा कर तेरा दीदार करूँ
जी में आता है के जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसा कर कोई इकरार करूँ
साथ छूटे न कभी तेरा यह कसम ले लूं
हर ख़ुशी दे के तुझे तेरे सनम ग़म ले लूं
हाय मैं किस तरह से प्यार का इज़हार करूँ
जी में आता है के जी भर के तुझे प्यार करूँ
अपनी आँखों में बसा कर कोई इकरार करूँ
तुम्हे भुलाना इतना आसां नहीं, कहेते हो हमे भूला दिया तुमने. खुदा को क्या, तुमने देखा है कही. नहीं देखा फिर भी क्या भूल गए, मैंने देखा ही क्या, चाहा है तुम्हे, तो कहो कैसे तेरी यह बात सुने .
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