कुछ ख़यालात जो मेरे दिल में आते है. उन्हें में इस ब्लॉग के जरिये व्यक्त करना चाहता हु . अगर आपको कुछ गलत लगे तो मुझे माफ़ कर देना ...........
आपका भाई
-नरेन्द्र स्वामी -
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रिश्ता क्या है तेरा मेरा, मैं हूँ शब और तू है सवेरा,
तू है चाँद सितारों जैसा, मेरी किस्मत घोर अँधेरा,
फूलों जैसे राहें तेरी, काटों जैसा मेरा डेरा,
आता जाता है ये जीवन, पल-दो-पल का रैन बसेरा,
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तुम्हे भुलाना इतना आसां नहीं, कहेते हो हमे भूला दिया तुमने. खुदा को क्या, तुमने देखा है कही. नहीं देखा फिर भी क्या भूल गए, मैंने देखा ही क्या, चाहा है तुम्हे, तो कहो कैसे तेरी यह बात सुने .
अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ - २ जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ मैं ने कब तुझ से ज़माने की ख़ुशी माँगी है एक हलकी सी मेरे लब ने हँसी माँगी है - २ सामने तुझ को बिठाकर तेरा दीदार करूँ जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ साथ छूटे न कभी तेरा यह क़सम ले लूँ हर ख़ुशी देके तुझे तेरे सनम ग़म ले लूँ - २ हाय, मैं किस तरह से प्यार का इज़हार करूँ जी में आता है कि जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इक़रार करूँ
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 30 अप्रेल से 5 मई तक आयोजित होने वाली द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा से पहले ही विद्यार्थियों को कई तरह दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में कहीं अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र नहीं मिलने की शिकायत है तो कहीं एक ही अभ्यर्थी के पास तीन से लेकर चार तक प्रवेश पत्र एक ही लिफाफे में पहुंच रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग से इसकी शिकायत की गई, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं। ऐसा कब तक चलेगा?
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