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Showing posts from December, 2011

ठहरे हुए पानी में कंकर ना मार सांवरे

ठहरे  हुए  पानी  में  कंकर  ना  मार  सांवरे मन  में  हलचल  सी  मच  जायेगी  बाँवरे  ठहरे  हुए  पानी  में  कंकर  ना  मार  सांवरे मन  में  हलचल  सी  मच  जायेगी  बाँवरे   ठहरे  हुए  पानी  में  कंकर  ना  मार  सांवरे तेरे  लिए  हु  मई  अनजानी , मेरे  लिए  है  तू  बेगाना बेगाने  ने  अनजानी  का , दर्द  भला  कैसे  पहचाना जो  इस  दुनिया  ने  ना  जाना ठहरे  हुए  पानी  में  कंकर  ना  मार  सांवरे मन  में  हलचल  सी  मच  जायेगी  बाँवरे   ठहरे  हुए  पानी  में  कंकर  ना  मार  सांवरे सब  फूलो  के  है  दीवाने , काटों   से  दिल  कौन  लगाये भूल   रही  मै  हु  का...

किसका चेहरा अब मैं देखूं

चाँद  भी  देखा फूल  भी  देखा बादल  बिजली  तितली  जुगनू कोई  नहीं  है  ऐसा तेरा  हुस्न  है  जैसा तेरा  हुस्न  है  जैसा मेरी  निगाह  ने  ये  कैसा  ख्वाब  देखा  है ज़मीन  पे  चलता  हुआ  महताब  देखा  है मेरी  आँखों  ने  चुना  है  तुझको  दुनिया  देखकर मेरी  आँखों  ने  चुना  है  तुझको  दुनिया  देखकर किसका  चेहरा किसका  चेहरा  अब  मैं  देखूं  तेरा  चेहरा  देखकर मेरी  आँखों  ने  चुना  है  तुझको  दुनिया  देखकर नींद  भी  देखि ख्वाब  भी  देखा नींद  भी  देखि ख्वाब  भी  देखा चूड़ी  बिंदिया  दर्पण  खुशबू कोई  नहीं  है  ऐसा तेरा  प्यार  है  जैसा तेरा  प्यार  है  जैसा मेरी  आँखों  ने  चुना  है...

क्रिश्मस एवं नव वर्ष की सुभकामनाएँ

क्रिश्मस एवं नव वर्ष की  सुभकामनाएँ नरेन्द्र  कुमार स्वामी