भारत में भ्रस्टाचार

आज भारत मेंजो देखने को मिल रहा है शायद ही किसी ने आज से ६५ साल पहले सोचा होगा।
आज के ये हालत देखकर लगता है की आजादी के लिए अपनी क़ुरबानी देने वालों की क़ुरबानी व्यर्थ ही गयी इससे अच्छी तो गुलामी थी।
आज जहा भी देखो सब के सब भ्रष्ट देखने को मिलते है। इन सब की वजह हम खुद है।
हम क्यों बढ़ावा दे रहे है इस भ्रस्टाचार को?

ऐसी क्या मज़बूरी है की हम खुद इसे बढ़ावा दे रहे है?

क्या ये जरुरी है?

इस देश में गरीबो की क्यों नहीं सुनी जा रही है?

क्या आज कोई भूख से नहीं मरता?

अगर कोई भूख से मरता है तो क्यों?

आजादी के इतने वर्षो बाद भी हम क्यों भूखे मर रहे है?

आज दुनिया की ११वीं आर्थिक महाशक्ति बन चूका है हमारा भारत लेकिन जो गरीबी से भूखे मर रहे है उन के लिए सरकार, नेता या अफसर कोई आगे क्यों नहीं आता? आज कोई भी नेता बिना गाड़ी के नहीं चलता है और गरीब भूख से मरता है और आम जनता महंगाई से मरती है किसान कर्ज से मरता है तो जिन्दा कौन है सिर्फ नेता और उधोगपति और अफसर लोग । नेताओ को बहुत सारी सुविधाएँ मिल रही है किसलिए? जनता की सेवा के लिए या खुद की सेवा के लिए?
इन सबकी वजह सिर्फ और सिर्फ एक ही है और हर कोई इसका जवाब जानता है, कमी है तो सिर्फ एकता की और जागने की जिस दिन इस देश की जनता जाग जाएगी उस दिन न तो भ्रस्टाचार रहेगा और न ही कोई भूख से मरेगा। बस इंतज़ार है उस दिन का जिस दिन ये सवेरा होगा।

और इसकी शुरुआत हमें स्वयं अपने आप से करनी होगी।

आज से अपने आस पास के लोगो को इस बारे में जगाना शुरू कर दीजिये। फिर वो दिन दूर नहीं जब भारत का नया सूर्योदय होगा।

आओ हम सब मिलकर भारत का नया सूर्योदय करें।

आपका भाई
नरेन्द्र स्वामी

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