ठहरे हुए पानी में कंकर ना मार सांवरे
ठहरे हुए पानी में कंकर ना मार सांवरे मन में हलचल सी मच जायेगी बाँवरे ठहरे हुए पानी में कंकर ना मार सांवरे मन में हलचल सी मच जायेगी बाँवरे ठहरे हुए पानी में कंकर ना मार सांवरे तेरे लिए हु मई अनजानी , मेरे लिए है तू बेगाना बेगाने ने अनजानी का , दर्द भला कैसे पहचाना जो इस दुनिया ने ना जाना ठहरे हुए पानी में कंकर ना मार सांवरे मन में हलचल सी मच जायेगी बाँवरे ठहरे हुए पानी में कंकर ना मार सांवरे सब फूलो के है दीवाने , काटों से दिल कौन लगाये भूल रही मै हु का...